हरियाणाः गुरुग्राम में सबसे ज्यादा हत्याएं और दुष्कर्म, महिला उत्पीड़न में फरीदाबाद अव्वल

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हरियाणा में अपराधिक ग्राफ की स्थिति क्या है, इसका अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में पिछले 1703 दिनों में 5043 हत्याएं हो चुकी हैं। 4947 केस दुष्कर्म के सामने आ चुके हैं और 3674 केस बच्चियों के साथ दुराचार के हैं। इनमें पॉक्सो एक्ट के तहत पुलिस ने कार्रवाई की है।

महिला उत्पीड़न के मामलों ने तो हद ही कर दी है। 1703 दिनों में ऐसे 42265 मामले सामने आए, यानी हर रोज औसतन 24 से अधिक मामले सामने आए हैं। अनुसूचित जाति एवं जनजाति से संबद्ध लोगों पर भी उत्पीड़न के 3695 केस दर्ज किए गए हैं। यह रिपोर्ट सोमवार को हरियाणा विधानसभा के पटल पर पेश की गई।

20 जुलाई तक 2560 केसों में अपराधी दोषी करार
हरियाणा में 20 जुलाई तक हत्या के कुल केसों में से 953 मामलों में अपराधियों को दोषी करार दिया गया है। रेप के 249, बच्चियों से रेप मामले में 457 और अन्य में 904 केसों में आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, यानी इन सभी को विभिन्न धाराओं के तहत सजा मिलनी तय है।

गुरुग्राम में 470 हत्याएं

प्रदेश में पिछले पौने पांच साल में मर्डर के केस सबसे ज्यादा गुरुग्राम में देखे गए। जिले में सबसे ज्यादा 470 हत्याएं हुई। अंबाला में 140, भिवानी में 173, चरखीदादरी में 99, फरीदाबाद में 337, फतेहाबाद में 120, हांसी में 78, हिसार में 183, झज्जर में 298, जींद में 254, कैथल में 151,  करनाल में 318, कुरुक्षेत्र में 133, मेवात में 141, नारनौल में 178, पलवल में 244, पंचकूला में 69, पानीपत में 278, रेवाड़ी में 179, रोहतक में 319, सिरसा में 136, सोनीपत में 448 व यमुनानगर में 160 हत्याएं हुई। राजकीय रेलवे पुलिस ने भी मर्डर के 137 मामले दर्ज किए।

सबसे ज्यादा दुष्कर्म भी गुरुग्राम में
मर्डर ही नहीं, दुराचार के मामले भी गुरुग्राम में ही सबसे ज्यादा हैं। अंबाला में 163, भिवानी में 170, चरखीदादरी में 52, फरीदाबाद में 543, फतेहाबाद में 128, गुरुग्राम में 663, हांसी में 72, हिसार में 199, झज्जर में 172, जींद में 153, कैथल में 131,  करनाल में 269, कुरुक्षेत्र में 153, मेवात में 295, नारनौल में 120, पलवल में 205, पंचकूला में 75, पानीपत में 328, रेवाड़ी में 172, रोहतक में 275, सिरसा में 173, सोनीपत में 229 व यमुनानगर में 195 दुराचार के मामले दर्ज किए गए हैं। राजकीय रेलवे पुलिस ने भी दुराचार के 12 मामले दर्ज किए हैं।

फरीदाबाद में बच्चियों से सबसे ज्यादा दुराचार

बच्चियों से दुराचार के मामले सबसे ज्यादा फरीदाबाद में दर्ज हुए हैं। पुलिस ने इस मामलों में पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है। अंबाला में 134, भिवानी में 179, चरखीदादरी में 43, फरीदाबाद में 412, फतेहाबाद में 133, गुरुग्राम में 354, हांसी में 60, हिसार में 162, झज्जर में 84, जींद में 108, कैथल में 122, करनाल में 264, कुरुक्षेत्र में 155, मेवात में 216, नारनौल में 75, पलवल में 169, पंचकूला में 88, पानीपत में 201, रेवाड़ी में 115, रोहतक में 144, सिरसा में 128, सोनीपत में 204 व यमुनानगर में 123 केस पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज किए गए। राजकीय रेलवे पुलिस ने भी एक मामला दर्ज किया।

महिला उत्पीड़न में भी गुरुग्राम नंबर वन
महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न के मामलों में भी गुरुग्राम नंबर वन है। इनमें अंबाला में 1338, भिवानी में 1629, चरखीदादरी में 602, फरीदाबाद में 4315, फतेहाबाद में 1260, गुरुग्राम में 4577, हांसी में 509, हिसार में 1668, झज्जर में 1681, जींद में 1515, कैथल में 1698,  करनाल में 2488, कुरुक्षेत्र में 1492, मेवात में 1226, नारनौल में 903,  पलवल में 1250, पंचकूला में 433, पानीपत में 3595, रेवाड़ी में 1284, रोहतक में 2601, सिरसा में 1400, सोनीपत में 2330 व यमुनानगर में 2331 केस महिला उत्पीड़न के दर्ज हुए हैं। राजकीय रेलवे पुलिस ने भी 140 मामले दर्ज किए हैं।

भिवानी में सबसे ज्यादा एससी उत्पीड़न

हरियाणा में भिवानी ऐसा जिला है, जहां सबसे ज्यादा एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं। इनमें अंबाला में 92, भिवानी में 303, चरखीदादरी में 101, फरीदाबाद में 285, फतेहाबाद में 122, गुरुग्राम में 190, हांसी में 77, हिसार में 280, झज्जर में 130, जींद में 186, कैथल में 186,  करनाल में 159, कुरुक्षेत्र में 130, मेवात में 125, नारनौल में 181,  पलवल में 208, पंचकूला में 35, पानीपत में 148, रेवाड़ी में 131, रोहतक में 243, सिरसा में 123, सोनीपत में 93 व यमुनानगर में 150 केस महिला उत्पीड़न के दर्ज हुए हैं। राजकीय रेलवे पुलिस ने भी 17 मामले दर्ज किए हैं

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