पेटीएम केवाईसी वेरिफिकेशन कराने के नाम पर ठगी, 1 रुपया पेमेंट करने को कहा, 2.40 लाख निकाले

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साइबर ठग ने फोन कर एक व्यक्ति के पेटीएम का केवाईसी वेरिफिकेशन करने के नाम पर एक ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद ऑटोमैटिक वेरिफिकेशन के लिए क्रेडिट कार्ड से ऐप में एक रुपये का पेमेंट करने को कहा। एक रुपये का पेमेंट होने के तुरंत बाद पीड़ित के कार्ड से 2.40 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत सिटी बैंक और सेक्टर-58 थाना पुलिस से की है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इंस्पेक्टर पंकज राय ने बताया कि सेक्टर-62 स्थित स्वागत अपार्टमेंट में राम राकेश सपरिवार रहते हैं। उनके मोबाइल पर नौ अगस्त को एक मैसेज आया। जिसमें पेटीएम का केवाईसी वेरिफिकेशन कराने को कहा गया था। पेटीएम का स्टेटस जानने के लिए उन्होंने मैसेज में दिए गए नंबर पर डायल किया, लेकिन फोन नहीं लगा। कुछ देर बाद उनके पास फोन आया। फोन करने वाले सुशील मिश्रा ने पेटीएम की ओर से कॉल किए जाने की बात कही। साथ ही केवाईसी वेरिफिकेशन के लिए क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड करने को कहा। राम राकेश को फोन पर बताया गया कि ऐप डाउनलोड करते ही उसका ऑनलाइन पेटीएम केवाईसी वेरिफिकेशन हो जाएगा।

फोन पर बात करते करते ही उन्होंने क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड कर लिया। ऐप डाउनलोड होने के बाद उनके पास 10 अंक का आईडी आया। जिसे उन्होंने फोन करने वाले सुनील मिश्रा को बता दिया। सुनील ने राकेश को अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से केवल एक रुपये का पेमेंट करने को कहा। पीड़ित ने अपने सिटी बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1 रुपया पेमेंट करने का प्रयास किया। उसी दौरान पीड़ित का फोन ठग ने होल्ड पर रखा। आरोपी पेटीएम का सर्वर डाउन बताकर उनसे बात करता रहा और उसी समय बैंक से रुपये निकालने के मैसेज आने लगे।

रिलेशनशिप मैनेजर के नाम पर भी करते हैं कॉल

ठगे जाने की आशंका होते ही राकेश ने फोन काट दिया। फोन में आए मैसेज देखे तो एक के बाद एक कई बार रुपये निकलने के मैसेज आ रहे थे। उन्होंने सिटी बैंक को फोन करके क्रेडिट कार्ड ब्लाक कराया। मगर जब तक उससे 2.40 लाख रुपये निकाले जा चुके थे। पीड़ित ने बैंक में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करा दी है। शनिवार को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित राम राकेश की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज करके धोखाधड़ी के प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

आजकल कई बैंकों की ओर से रिलेशनशिप बैंक मैनेजर के नाम पर लोगों को फोन आ रहे हैं। जबकि बैंक की ओर से इस तरह से कोई कॉल नहीं किया जाता है। इस तरह के ठग अपने निजी नंबर को नोट कराकर दावा करते हैं कि वह बैंक से संबंधित किसी भी तरह की समस्या के लिए उनको फोन या मैसेज करके सूचना दे सकते हैं। यह लोगों से बैंक संबंधित कोई जानकारी नहीं मांगते हैं लेकिन अपने नंबर पर कॉल कराना चाहते हैं। एक बार कोई व्यक्ति अपने मोबाइल से ऐसे लोगों के निजी नंबर पर कॉल कर दें तो फिर वह उनको फंसाकर रुपये निकाल ही लेते हैं।

सावधानी बरतने से बचाई जा सकती है मेहनत की कमाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बैंक प्रतिनिधि कभी फोन कर किसी तरह की निजी जानकारी नहीं मांगते। साथ ही फोन पर केवाईसी वेरिफिकेशन नहीं किया जाता। कुछ साइबर अपराधी लिंक भेजकर या ऐप लोड कराकर आदि विभिन्न तरीकों से खातों में सेंध लगा रहे हैं।  सतर्क रहकर ही ऐसे मामलों से बचा जा सकता है।

अगर कोई व्यक्ति फोन कर आपके खाते, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी मांगता है तो किसी भी सूरत में उसे जानकारी नहीं दें। खाते या कार्ड संबंधित कोई कार्य हो तो उसे बैंक जाकर कराएं। हमेशा सतर्क रहें। लापरवाही बरतने से आपके खाते से पैसे निकल सकते हैं। – अशोक कुमार एसपी, प्रभारी साइबर सेल

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